लामता स्टेशन पर रीवा–इतवारी ट्रेन का स्टॉपेज दिया गया है, लेकिन यह ट्रेन प्रतिदिन संचालित नहीं होने के कारण क्षेत्र की जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि रोजाना चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉपेज मिलने से शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, न्यायालयीन कार्य और रोजगार से जुड़े यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
बसों के जरिए सफर करने को मजबूर जनता लामता से नागपुर, रायपुर और चांदाफोर्ट की ओर सीधी यात्री ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण जरूरतमंद लोगों को महंगे किराए पर बसों से सफर करना पड़ रहा है। क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन इलाज, शिक्षा, कोर्ट-कचहरी, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। ट्रेन सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को मजबूरी में बसों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बस संचालकों को मिल रहा फायदा लामता क्षेत्र से जबलपुर, रायपुर, नागपुर और गोंदिया सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी यात्री ट्रेन सुविधा पर्याप्त नहीं होने का फायदा बस संचालकों को मिल रहा है। यात्रियों का कहना है कि बालाघाट से लामता तक बस का किराया करीब 90 रुपये तक लिया जा रहा है, जबकि ट्रेन से इसी दूरी की यात्रा काफी कम किराए में की जा सकती है। ऐसी स्थिति में मध्यवर्गीय और गरीब परिवारों के लोगों को बार-बार महंगे किराए पर यात्रा करने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी क्षेत्रवासियों में सवाल उठने लगे हैं।
50 किलोमीटर दूर बालाघाट जाना पड़ता है लामता क्षेत्र काफी बड़ा है और इसके आसपास मलाजखंड, बैहर, परसवाड़ा, चांगोटोला सहित अनेक क्षेत्र जुड़े हुए हैं। यहां के यात्री, व्यापारी, किसान, मजदूर, विद्यार्थी और आम नागरिक लामता रेलवे स्टेशन से अपने गंतव्य की ओर यात्रा करते हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं होने के कारण यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए करीब 50 किलोमीटर दूर बालाघाट रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी क्षेत्रवासियों ने रेलवे और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मूकमाटी इंटरसिटी एक्सप्रेस एवं जबलपुर–चांदाफोर्ट ट्रेन का लामता स्टेशन पर यथाशीघ्र ठहराव दिया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्र की जनता द्वारा लामता बंद, रेल रोको आंदोलन, चक्काजाम एवं धरना-प्रदर्शन जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लामता स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव केवल लामता नगर की नहीं, बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों की आवश्यकता है। रेलवे और जनप्रतिनिधियों को जनहित में इस मांग पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।