कलेक्ट्रेट में तालाबंदी के बाद अब विधानसभा घेराव की तैयारी आप ने अतिक्रमण प्रभावितों के साथ कलेक्ट्रेट में सौपा ज्ञापनगरीब बोले- हटाने के पहले करे आवास की व्यवस्थापीएम आवास लेने के लिए नहीं है पैसे, फ्री दे आवासफोटो,बालाघाट। आकाशवाणी और पॉवर हाउस के बीच, शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर 5 दशक से भी ज्यादा समय रह रहे लोगों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद, अब हटाने का डर सता रहा है, सोमवार को तहसील कार्यालय में रहवासियों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। जहां प्रशासन ने उन्हें ऑफर किया कि वह ढिमरटोला पानी टंकी के पास बने पीएम आवास ले सकते है, उसके लिए नियमानुसार प्रक्रिया के तहत उन्हें राशि जमा करनी होगी, लेकिन यहां, निवासरत परिवार अब राशि नहीं होने की बात कहकर, फ्री में आवास व्यवस्था करने की मांग कर रहा है।अपनी इसी मांग को लेकर आप नेता मनोज पमनानी के साथ, रहवासियो ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौपते हुए, हाइकोर्ट के निर्णय के अनुसार आपसी तालमेल बैठाकर, विथापित करने के पूर्व निःशुल्क उनके आवास की व्यवस्था बनाने की मांग की है।जहा उन्होंने मांग पूरी ना होने पर आगामी समय मे भोपाल पहुचकर विधानसभा का घेराव किए जाने की चेतावनी दी है।

BySuryanshtimes

Jul 15, 2026

विधानसभा घेराव की तख्तिया लेकर किया प्रदर्शन
हाई कोर्ट के निर्णय के अनुसार समस्या का हल निकालने और विस्थापित करने की पूर्व निशुल्क आवास की व्यवस्था करने की प्रमुख मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे झुग्गी निवासियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में विधानसभा घेराव की तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। जहां उन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेश अनुसार 13 तारीख को तहसीलदार कोर्ट में हुई सुनवाई को एकतरफा व अर्थहीन बताया ,तो वहीं उन्होंने आवास के बदले आवास दिए जाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने तहसीलदार chhavi pant और नगर पालिका के उक्त सुझाव का भी विरोध किया जिसमें उन्होंने बूढ़ी स्थित पीएम आवास योजना के तहत बने मकान को पैसों में खरीदने की सलाह दी गई थी। अपनी इस मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा घेराव की तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया तो वही मांग पूरी होने के तुरंत बाद ही अपने वर्तमान आवास को स्वत: ही छोड़ने की बात भी कहीं।

तो विधानसभा का करेंगे घेराव- मनोज
आप नेता मनोज पमनानी ने बताया कि आकाशवाणी के पास निवासरत, लोग, आर्थिक रूप से कमजोर है, रोज कमाकर खाते है, जिनके लिए आवास के लिए एक साथ 20 हजार रूपए नही दे सकते, फिर लोन की प्रक्रिया महंगी है, और ना ही प्रतिमाह 10 हजार रूपए जमा कर 20 माह बाद चॉबी लेने की लंबी अवधि तक यह अन्यत्र कहीं रह सकते है। वे पैसे कैसे देंगे, उनके निशुल्क विस्थापन और मकान के बदले मकान की प्रमुख मांग को लेकर पिछले दिनों हमने कलेक्टर कार्यालय में तालाबंदी की थी उस समय एसडीएम द्वारा चार माह की मोहल्ला दी गई थी।इसी बीच हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी उसके फैसले में इन लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए जाने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी पीएम आवास के लिए नियमों को हवाला देते हुए रकम जमा करने की बात कह रहे हैं जो संभव नहीं है।जिसके लिए प्रशासन को इन रहवासियो के लिए संवेदनशीलता दिखाते हुए इनके फ्री आवास की व्यवस्था करना चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है तो भोपाल जाकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। जिसकी जानकारी भी ज्ञापन के माध्यम से दी जा चुकी है।

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