बालाघाट। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव जुगल शर्मा ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी राजनीतिक हार साफ दिखाई दे रही थी, इसलिए लोकतांत्रिक मुकाबले से बचने के लिए सत्ता के दबाव और षड्यंत्र का सहारा लिया गया।

जुगल शर्मा ने कहा कि “जब भाजपा के पास अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं थे, तब भी उन्होंने उम्मीदवार मैदान में उतारा। यह साबित करता है कि उनकी रणनीति चुनाव लड़कर जीतने की नहीं, बल्कि किसी भी तरह विपक्ष के रास्ते में बाधाएं खड़ी करने की थी। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कराया जाना उसी सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और संवैधानिक प्रक्रियाओं का राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग कर रही है। जुगल शर्मा ने कहा कि “देश और प्रदेश की जनता सब देख रही है कि भाजपा लोकतंत्र को बचाने नहीं, बल्कि उसे नियंत्रित करने की राजनीति कर रही है। जब विपक्ष मजबूत होकर सामने आता है तो उसे राजनीतिक रूप से हराने के बजाय प्रशासनिक हथकंडों का सहारा लिया जाता है।”

उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर नागरिक का मुद्दा है। यदि विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को इस प्रकार चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया जाएगा, तो निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा ही खतरे में पड़ जाएगी।

जुगल शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और जनता के बीच जाकर भाजपा की तानाशाही नीतियों को उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र को कुचलने की हर कोशिश का कांग्रेस मजबूती से जवाब देगी। भाजपा चाहे जितने षड्यंत्र कर ले, जनता के अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।”

“भाजपा लोकतंत्र में विश्वास करती तो चुनाव मैदान में मुकाबला करती, लेकिन विपक्ष को रोकने के लिए नामांकन रद्द कराने की राजनीति यह साबित करती है कि उन्हें जनता के जनादेश पर भरोसा नहीं है।” —

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