जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री मनोहर अग्रवाल ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोईएफआईआर दर्ज है और न ही कोई आपराधिक मामला सिद्ध हुआ है। इसके बावजूद एक पुराने और अप्रासंगिक शिकायतप्रकरण को आधार बनाकर उनका नामांकन निरस्त करनालोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
मनोहर अग्रवाल ने कहा कि जिस मामले का हवाला दिया जा रहा है, उसमें मीनाक्षी नटराजन किसी भी प्रकार से आरोपी नहीं हैं। उनका नाम केवल एक शिकायत में बतौरतत्कालीन प्रभारी के रूप में आया था।ऐसे में नामांकन निरस्त करना पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। जब भाजपा के पास पर्याप्त विधायक नहीं थे, तब भी प्रत्याशी खड़ा कर कांग्रेसउम्मीदवार का नामांकन रद्द करवाने का प्रयास यह साबित करता है कि सत्ता पक्ष किसी भी कीमत पर चुनावी मुकाबले से बचना चाहता है। श्री अग्रवाल ने कहा की झारखंड से एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार श्री परिमल नाथवानी के फॉर्म में सुधार के लिए पर्याप्त समय दिया गया और अभी उसकी निर्वाचन आयोग सुनवाई कर रहा है और मध्य प्रदेश में कथित गलती के नाम पर फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया यह कैसा लोकतंत्र है? कैसा निर्वाचन आयोग है?
अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल मीनाक्षी नटराजन का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा का प्रश्न है। कांग्रेस कार्यकर्ता इस अन्याय के खिलाफ प्रदेशभर में आवाज बुलंद करेंगे।
मनोहर अग्रवाल ने कहा कि सत्य और लोकतंत्र की जीत सुनिश्चित होगी तथा जनता इस प्रकार की तानाशाही और राजनीतिक षड्यंत्र का जवाब समय आने पर अवश्य देगी।