बालाघाट। शहर के गोंदिया रोड़ स्थित गौतम भवन को जर्जर बताते हुए नगरपालिका ने बुलडोजर से रविवार को जमीदोज कर दिया। जिसके बाद अब आरोपों में घिरता हुआ दिखाई दे रहा हैं, पूर्व सांसद कंकर मुंजाने ने आरोप लगाते हुए कहा कि गौतम भवन जर्जर नहीं हुआ हैं, इसका कारण हैं कि इस भवन को किराएदारों से खाली करना हैं जो सांसद भारती पारधी के संरक्षण में नगरपालिका के द्वारा भवन को तोड़ा गया हैं। शहर में चर्चाए हैं कि यह भवन तो अनुराग उर्फ मांटू चतुरमोहता के द्वारा खरिदा गया है, जिसके बाद यह कार्यवाही की गई है। यह भी बताया जा रहा हैं कि राजकुमार कुकरेजा के द्वारा मामला सिविल न्यायालय में विचाराधिन है।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस भवन मालिक ने राजकुमार उर्फ राजा कुकरेजा व मॉम किचन के संचालक द्वारा पैसों की मांग को लेकर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जुलुस भी निकाला था, तभी से चर्चाए तेज हो चली थीं कि आखिर भवन मालिक के पिछे कौन शख्स है? जिसके पश्चात 22 मार्च रविवार को सुबह जेसीबी व पोकलैण्ड मशीन के साथ नगरपालिका प्रशासन, राजस्व प्रशासन व भारी पुलिस बल के साथ गौतम भवन पर दुकाने बगैर खाली कराए ही तोडऩा शुरू कर दिए और शाम तक भवन को जमीदोज करने की कार्यवाही चलते रहीं।
इधर, किरायेदार रेडियम दुकान मालिक श्री राजपुत ने बताया कि हमें प्रशासन ने कोई नोटिस नहीं मिला और रविवार दिन देख कर प्रशासन ने भवन को जर्जर बताकर तौड़ दिया गया। दुकानदार सौरभ साडिलकर ने बताया कि हमे कोई नोटिस नहीं दिया गया और कार्यवाही के कुछ समय में ही खाली करने की बात कहीं गई, जिसके बाद जेसीबी मशीन से भवन को तोडऩे की कार्यवाही की गई।
सिविल न्यायालय में केश विचाराधिन…
अंजली ट्रेवल्स संचालक राजा कुकरेजा के परिवार ने बताया कि रमन गौतम की जगह पर गौतम भवन कॉम्प्लेक्स बना हुआ हैं। मकान मालिक श्रीमती सविता गौतम एवं नितेश गौतम के मध्य तहसील एवं जिला बालाघाट स्थित भूमि खसरा नं २९३/२८, २९३/११/ख रकबा ०.०१४ हे. भूमि जिस पर गौतम काम्पलेक्स बना हुआ हैं, पर स्थित दुकान नंबर ७ के सबंध में एक व्यवहार वाद न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड बालाघाट के न्यायालय में संविदा के विशिष्ठ पालनाथ लंबित है। उक्त दुकान का विक्रय अनुबंध पत्र भी हैं। भवन को प्रशासन ने न्यायालय की अवेल्हना करते हुए गिराया गया हैं, और जो दुकान में रखा हुआ लाखों रूपए की सामग्री भी नष्ट कर दी गई हैं।
सांसद के संरक्षण में यह कार्यवाही
युवा नेता तबरेज पटेल ने बताया कि शनिवार की रात्री को नोटिस दिया गया और रविवार को प्रशासन के द्वारा यह कार्यवाही की गई हैं, यह भवन जिले के बड़े नेताओं के साथ पाटनरशीप में अनुराज चतुरमोहता के द्वारा खरीदा गया हैं, करोड़ो रूपए का खेल है। देखा जा रहा हैं कि नगरपालिका में गरीबों का काम नहीं होता और अमीरों के काम के लिए रविवार को जिला का पुरा अमला यहां मौजूद है। यह भवन जर्जर नहीं है बावजूद इसके यह तोड़ा जा रहा है, जबकि दुकानों में लाखों रूपए का सामान रहने के बाद भी तोड़ दिया गया जबकि उन्हे खाली कराने का समय भी नहीं दिया गया। चर्चाए हैं कि सांसद भारती पारधी का संरक्षण हैं तभी यहां पुरा अमले के द्वारा यह कार्यवाही की गई है।
सांसद भारती के सरंक्षण का आरोप…
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने गौतम काम्लेक्स को तोडऩे को लेकर सांसद भारती पारधी को घेरते हुए आरोप लगाया हैं कि सांसद भारती पारधी के संरक्षण पर मोंटू चतुरमोहता ने 12 करोड़ में गौतम काम्लेक्स खरीदा हैं, जिसको खाली करने के लिए सांसद के निशानदेही पर जिला प्रशासन, नगरपालिका व राजस्व अमले के द्वारा भवन को जर्जर बताते हुए तोडऩे की कार्यवाही की गई है। नगरपालिका के द्वारा नोटिस देते ही भवन का तोडऩे की कार्यवाही की गई है जो गलत है, भवन जर्जर नहीं है जर्जर बताकर केवल दुकानदारों को खाली कराने की नियत से यह कार्यवाही की गई है। वैसे तो बताया जा रहा हैं कि एक दुकानदार और दुकान मालिक के मध्य सिविल न्यायालय में मामला विचाराधिन हैं उसके बाद भी यह कार्यवाही न्यायालय की अवेल्हना करते हुए कार्यवाही की गई है।
प्रशासन ने दी सफाई…
नगरपालिका सीएमओं श्री करतोलिया ने बताया कि मकान मालिक ने नगरपालिका को आवेदन दिया गया था कि भवन तोड़ा जाए, जांच में पाया गया कि भवन जर्जर है, जिसके पश्चात भवन को तोडऩे की कार्यवाही की गई है। राजस्व एसडीएम गौपाल सोनी ने बताया कि नगरपालिका क्षेत्र में जर्जर भवन को हटाए जाने के प्रावधान हैं इस संबंध में गोंदिया रोड़ में गौतम परिवार की भवन जर्जर पाई गई, जिसकी नगरपालिका व पीडब्लूडी विभाग की रिपोर्ट के बाद भवन जर्जर पाया गया। सीएमओं के द्वारा हमें भवन को तोडऩे के लिए लिखा था, जिसके पश्चात पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में तोडऩे की कार्यवाही शुरू की गई। हमें जो पत्र मिला हैं उस आधार पर दो माह से यह कार्यवाही चल रहीं है पहले भी सूचना दे दी गई थीं, उसके पश्चात ही यह सीएमओं के द्वारा कार्यवाही की गई है।(Rakesh singare vicharak)






