(suryanshtimes)बालाघाट/ नगर के राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार- गीतकार पं. सुधाकर शर्मा को गत दिवस सतना की “गीतम ” संस्था ने सुप्रसिद्ध गीतकार कीर्ति शेष डाॅ. सुमेर सिंह शैलेश की जयंती पर आयोजित साहित्यकार दिवस समारोह में सम्मानित करते हुए शैलेश जी और पं. सुधाकर शर्मा के कृतित्व साम्य और आत्मीय घनिष्ठता को रेखांकित किया ! साहित्यकार दिवस के मुख्य अतिथि पं.सुधाकर शर्मा ने इस अवसर पर सतना नगर के साहित्यिक – सांस्कृतिक सरोकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आश्चर्य है कि प्रोफेसर डाॅ सुमेर सिंह शैलेश के शिष्य आज सांसद, विधायक, महापौर जैसे पदों पर प्रतिष्ठित हैं, फिर भी उनकी स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए शैलेश मार्ग, शैलेश स्मृति द्वार, शैलेश पार्क और शैलेश प्रतिमा कहीं भी नहीं हैं! शर्मा ने कहा कि शैलेश जी की स्मृति से नयी पीढ़ी परिष्कृत और सुसंस्कृत हो सकती है,वे अजस्र प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। पं. सुधाकर शर्मा के प्रति सांसद गणेश सिंह,सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार,सतना के विश्वविद्यालय के कुलपति हर्षवर्धन जी, प्रोफेसर सत्येंद्र शर्मा,डाॅ. जितेन्द्र कुमार सिंह संजय, गीतकार लल्लू तिवारी मिर्जापुर, कृष्णावतार राही, रमाशंकर पांडे विकल, रामनरेश तिवारी,सुदामा शरद सहित उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने करतल ध्वनि से समर्थन व्यक्त किया! इस अवसर पर विशेष अतिथि अमर पाटन विधायक एवं पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र सिंह ने अपने ताऊ जी डाॅ. शिवमंगल सिंह सुमन और सुमेर सिंह शैलेश जी की अंतरंगता का सम्मान करते हुए कहा कि पं. सुधाकर शर्मा जी के सभी रचनात्मक सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं,हम आश्वस्त करते हैं कि आनेवाले समय में हम सभी विविध दलों के जन प्रतिनिधि शैलेश जी की स्मृति में कुछ बेहतर करेंगे!उनकी मूर्ति स्थापना, स्मृति द्वार, मार्ग शैलेश जी के नाम पर मार्ग करण कराने की दिशा में निश्चित रूप से पहल करेंगे ! विचार संगोष्ठी के बाद देर रात तक आगंतुक कवियों – कवयित्रियों ने शैलेश जी को काव्यांजलि देकर साहित्यकार दिवस को आगामी वर्ष में विशाल रूप से मनाने का संकल्प पारित किया !
विचार संगोष्ठी का संचालन डाॅ. जितेन्द्र कुमार सिंह संजय ने और कवि सम्मेलन का संचालन सुमधुर गीतकार लल्लू तिवारी ने किया!

