उपभोक्ता संरक्षण समिति बालाघाट का 35 वां स्थापना दिवस मनाया गयागत दिवस उपभोक्ता संरक्षण समिति बालाघाट का 35 वां स्थापना दिवस का कार्यक्रम जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के न्यायिक सदस्य माननीय डॉ0 महेश चांडक जी के मुख्य आतिथ्य में तथा श्री संतोष असाटी जी की अध्यक्षता में समिति कार्यालय (असाटी निवास) बालाघाट में सम्पन्न हुआ ।कार्यक्रम में सर्वप्रथम समिति अध्यक्ष श्री संतोष असाटी सहित समस्त पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि डॉ0 महेश चांडक जी का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया । इसके साथ ही श्री चांडक जी द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान बालाघाट जिले में उपभोक्ता न्याय के क्षेत्र में दी गई सराहनीय सेवाओं के साथ ही निष्पक्षता, विधिक कुशलता एवं संवेदनशीलता के साथ उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुये न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और सरल कार्यशैली के लिये समिति की ओर से श्री चांडक जी को सम्मान पत्र भेंट किया गया । तत्पश्चात महामंत्री श्री भीवाजी उके द्वारा कार्यक्रम के संबंध में अपने विचार रखने के उपरांत सभी उपस्थित साथियों को समिति की संशोधित नियमावली 2022 की एक एक प्रति प्रदान की गई तथा आगे की कार्यवाही प्रारंभ की गई ।इसके पश्चात अध्यक्ष महोदय द्वारा इस अवसर पर सभी उपस्थित साथियों का स्वागत अभिनंदन करते हुयेे उपभोक्ता संरक्षण समिति बालाघाट के 35 वें स्थापना दिवस की बधाईयां व शुभकामनायें दी गई । अध्यक्ष महोदय द्वारा समिति की स्थापना, उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुये बताया कि इस समिति के वरिष्ठ साथियों द्वारा लगभग 35 वर्ष पूर्व उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने व उन्हें न्याय दिलाये जाने की दिशा में एक समिति का निर्माण किये जाने का निश्चय किया गया था और इसी के अनुरूप जनकल्याणकारी भावना से उपभोक्ताओं के हितों एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करने, उनके लिये उपभोक्ता शिक्षण व्यवस्था बनाये जाने, उनके बौद्धिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, सामाजिक, स्वास्थ्य संबंधी तथा गुणात्मक विकास एवं सुविधाओं के लिये प्रयास करने तथा गतिविधियां संचालित करने के उद्देश्य से हमारे वरिष्ठ साथी स्व0 श्री त्रिलोकचंद जी कोचर की अध्यक्षता में इस संस्था का गठन किया जाकर दिनांक 10 अप्रेल 1991 को विधिवत पंजीयन किया गया था । तब से यह समिति अपने सम्माननीय सदस्यों के द्वारा दिये जाने वाले बहुमूल्य समय व आर्थिक सहयोग से 35 वर्षों से निरंतर चलते हुये पीडित उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण की दिशा में निशुल्क सहायता करते आ रही है । जबकि इस समिति को शासन की ओर से या अन्य किसी भी स्त्रोत से किसी भी प्रकार का वित्तीय सहयोग प्राप्त नहीं होता है ।इसके पश्चात समिति के संरक्षक श्री सुरजीतसिंह जी छाबडा द्वारा उपभोक्ताहित में कार्य कर रही इस समिति की कार्यप्रणाली व व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी गई साथ ही उनके द्वारा समिति के 35 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में 1100-00 की सहयोग राशि भी समिति को प्रदान की गई ।समिति के संस्थापक सदस्य एवं संरक्षक श्री लोचनसिंह जी देशमुख द्वारा समिति की स्थापना से लेकर वर्तमान स्थिति तक की गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया गया । आपने यह भी जानकारी दी कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने वाली व उपभोक्ताओं को उचित न्याय प्रदान करवाने वाली इस समिति का गठन किये जाने के समय के अधिकांश साथी स्व0 त्रिलोकचंद जी कोचर, स्व0 मोहनसिंह जी परिहार, स्व0 जी0डी0शर्मा जी, स्व0 प्रतापसिंह ठाकुर जी, स्व0 कृष्णा मिश्रा जी, स्व0 शील आनंद जी, स्व0 रावेल सिंह गांधी जी, स्व0 छेदीलाल जी जायसवाल, स्व0 माधव पंडोरिया, स्व0 जी0डी0 दीवान जी आदि अब हमारे बीच नहीं हैं जबकि संस्थापक सदस्य प्रो0 शोभारानी पिल्लई जी आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं । आपने बताया कि हमारे पूर्व साथियों द्वारा गठित संस्था आज भी 35 वर्षों से निरंतर रूप से उपभोक्ताओं के हितार्थ निशुल्क रूप से कार्य कर रही है ।न्यायिक सदस्य डॉ0 महेश चांडक जी द्वारा अपने उद्बोधन में इस समिति द्वारा उपभोक्ता हित में किये जा रहे कार्याें एवं समिति की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुये विस्तारपूर्वक बताया । साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः उपभोक्ताओं के हितार्थ कार्य करने वाली प्रदेश में शायद ही ऐसी कोई संस्था होगी जो निरंतर उपभोक्ताहित में 35 वर्षों से कार्य करते आ रही है । डॉ0 चांडक द्वारा इस संस्था की कार्यप्रणाली से प्रेरित होकर आगामी माह में इस संस्था की सदस्यता ग्रहण करने की इच्छा जाहिर की गई । जिस पर सभी उपस्थित साथियों द्वारा अपनी सहमति भी प्रदान की गई ।समिति के आजीवन सदस्य श्री जगन्नाथ गोंदुडे जी, जो कि विगत काफी सालोें से रायपुर में निवास कर रहे हैं, के द्वारा पारिवारिक व व्यवसायिक कारणों से समिति की आजीवन सदस्यता से स्वेच्छा से अपना त्याग पत्र भेजा गया था जिसे सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया । इसी के साथ ही समिति की अधिकृत अधिवक्ता एड0 श्रीमति वीणा डोंगरे जी का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक बढाये जाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया ।समिति कोषाध्यक्ष श्री शिवशंकर जी तिवारी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 का आय व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया एवं पढकर सुनाया गया । जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया ।कार्यक्रम के दौरान ही समिति के सभी उपस्थित साथियों को 35 वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया गया । इस अवसर पर श्री सुभाष गुप्ता जी द्वारा सुझाव दिया गया कि समिति के संस्थापक सदस्यों के छायाचित्र समिति कार्यालय में रखें जाये ।इसके पश्चात उपभोक्ता संरक्षण समिति के कुछ दिनों पूर्व ही दिवंगत संस्थापक सदस्य श्री जी0डी0 दीवान जी, समिति के सदस्य श्री सुभाष गुप्ता जी के दिवंगत चाचा श्री कमला प्रसाद जी गुप्ता एवं समिति के सदस्य डॉ0 गोपाल प्रसाद श्रीवास्तव के दिवंगत बडे भाई के निधन पर शोक संवेदना प्रगट करते हुये दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी गई एवं कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई ।इस कार्यक्रम में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के न्यायिक सदस्य डॉ0 महेश चांडक जी, न्यायिक सदस्य श्रीमति हर्षा बिजेवार जी, उपभोक्ता संरक्षण समिति के संरक्षकद्वय श्री सुरजीतसिंह जी छाबडा व श्री लोचनसिंह जी देशमुख, समिति अध्यक्ष श्री संतोष असाटी जी सहित सर्वश्री शिवशंकर तिवारी जी, भीवाजी उके जी, सुभाष गुप्ता जी, एल0डी0मेश्राम जी, सुरेश रंगलानी जी, राजेश गांधी जी, दिलीप वडीचार जी, एम0आर0रामटेके जी, पवन चंदानी जी, सुरेश टांक जी, थानीराम कटरे जी, संजीव जैन (चीनू), ओम प्रकाश भारती जी, श्याम कौशल जी, एड0 संदीप नेमा जी, मोनिल जैन जी, मोहसिन हबीब जी, प्रो0 शोभारानी पिल्लई जी, श्रीमति मंजुला तिवारी जी, श्रीमति प्रतिमा काम्बले जी एवं एड0 श्रीमति वीणा डोंगरे उपस्थित रहे ।

BySuryanshtimes

Apr 11, 2026

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