(suryansh Times)बालाघाट, म.प्र., दिनांक 8 नवम्बर 2025।
वनांचल की ठंडी हवाओं से ठिठुरते ग्राम सुमेरीखेड़ा तह. बैहर में आज का दिन करुणा और सहृदयता का पर्व बन गया।
आदर्श दानपात्र सेवा समिति, बालाघाट (म.प्र.) ने जन सहयोग के माध्यम से प्रा.शा. सुमेरीखेड़ा में अध्ययनरत जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क कंबल एवं स्टेशनरी किट वितरित किए — ताकि शिक्षा की लौ ठंड के अंधेरे में भी प्रज्वलित बनी रहे।


इस अवसर पर प्रधान पाठक, श्री आर. एस. तेकाम श्रीमती नेत्रकला कुंभलवार, कविता चौहान समिति के सदस्यगण एवं ग्रामवासी जनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भावनात्मक व प्रेरणादायक बना दिया।
हर चेहरे पर सच्ची मुस्कान और हर नन्हे हाथ में गर्माहट का एहसास, इस बात का प्रतीक था कि सेवा केवल वस्त्र देने का कार्य नहीं, बल्कि किसी के जीवन में आशा जगाने का संकल्प है।
सेवा के पीछे का उद्देश्य
वनांचल क्षेत्र में रह रहे अनेक बच्चे अत्यंत सीमित संसाधनों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ठंड के इस मौसम में जब पढ़ाई की राहें सर्द हवाओं से रुक जाती हैं, तब समिति का यह प्रयास उन बच्चों तक उम्मीद, ऊष्मा और उत्साह पहुँचाने का है — ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी अच्छा इंसान बन सकें, अपने परिवार को सुकून दे सकें और समाज के उजाले का हिस्सा बन सकें।
वर्षों से आदर्श दानपात्र सेवा समिति इसी भावना से प्रेरित होकर वनांचल एवं ग्रामीण अंचलों में सेवा कार्य कर रही है — कभी ठंड में कंबल बाँटकर, तो कभी शिक्षा-सामग्री वितरित कर बच्चों के भविष्य को संवारने का प्रयास करती है।
समिति ने इस सेवा यज्ञ में योगदान देने वाले सभी करुणा-हृदय दानदाता
श्रीमती डॉ. सविता कुमरे, प्रीति रंगलानी, स्वर्णालता भालाधारे, राजमित्रा चोखंद्रे, आशालता वैद्य, ऊषा संभलकर, वैशाली मेश्राम , वर्ष मडामें, इंदिरा डोगरे, शिक्षकगण, जनसेवकों एवं ग्रामीणजनों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
इनके सहयोग से आज सुमेरीखेड़ा के मासूम चेहरों पर जो मुस्कान आई है, वही इस कार्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
