(suryanshtimes)बालाघाट। आज कल एक परंपरा समाज में ज्यादा चल रही है जिसमें अपना काम निकालने के बाद दूध की मक्खी जैसे निकाल कर फेक देना और भूल जाना । ऐसा ही एक मामला शहर से लगे क्षेत्र में देखने मिल रहा है जहां एक मकान का काम करवाकर पूरी मजदूरी नहीं दी गई ओर कम से निकालकर धमकाया भी जा रहा है । प्रेस को दी गई शिकायत के अनुसार मकान मालिक राजकुमार मंडलवार ने गर्रा में एक भवन के निर्माण का कार्य ठेकेदार (मिस्त्री ) दिनेश पिता दुलीचंद पंचेश्वर को दिया जिसने भवन का निर्माण कार्य तो कर दिया लेकिन निर्माण कार्य की लागत राशि से बाकी के 3,66,000 रूपए नहीं दिया ओर कम सेबनिकलवकर धमकाया भी जा रहा है । जिसे परेशन होकर दिनेश ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालाघाट को शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई हैं । शिकायत अनुसार, भिस्त्री ठेकेदार दिनेश पिता दुलीचंद ग्राम मंगेझरी निवासी हैं और उसी के राजकुमार मंडलवार ने गर्रा में एक भवन का निर्माण कार्य के लिए 1250 वर्गफुट का निर्माण किया जाना था और उक्त कार्य 1400 वर्गफुट काम कराया गया. उक्त कार्य संपूर्ण मटेरियल सहित था और जितने शर्तों के साथ बात हुई थी, उसी शर्तों के अनुरूप कार्य किया जा रहा था, भिस्त्री व मकान ठेकेदार दिनेश को राजकुमार ने कहा कि आप अपना रूपया लगाकर के प्लीन्थ फाउण्डेशन तैयार कर लो, तभी मेरा ऋण का सेक्शन होगा और में रूपया देता रहूँगा। उसने अपने स्वयं के रूपयो से निर्माण स्थल में सभी सामग्री ईट, गिटटा, गिटटी, रेत, सीमेंट, सरिया और निर्माण कार्य में लगने वाली सभी वस्तुयें स्थल पर गिरवाकर काम चालू किया। इसलिए 22.12.2025 को एक अनुबंध पत्र निर्माण कार्य से संबंधित बना लिया है । भवन का फाउण्डेशन , टैंक लेबल तक तैयार किया, जिसमें लगभग उसके 12,80,000 बारह लाख अस्सी हजार रूपए खर्च हो चुके है तथा मौके पर लगभग 86,000 छयासी हजार रूपए का मकान सामग्री पड़ी हुई है। इसी बीच मकान मालिक राजकुमार की नियत खराब हो गई और वह दिनेश को समय पर पूरा रूपया नही दिया जिससे दिनेश परेशान हो गया तथा रूपये मांगने पर मारने-पीटने की धमकी देने लगा । यहीं नहीं मकान मालिक राजकुमार ने अपना बचाव करते हुए एक झूठी शिकायत पुलिस में किया है। ठेकेदार संघ मे एक आवेदन दिया है और बोलते है कि मैं तो एस टी जाति का हूँ मैं तेरे को आदिवासी एक्ट में फंसाउंगा और लगातार धमकी देने का कार्य करता है। भवन ठेकेदार संघ अध्यक्ष को भी खिला-पिलाकर एवं पुलिस को अपने प्रभाव में रखकर एक सिविल इंजीनियर से गलत रिपोर्ट तैयार कर दिनेश से जबरिया 5,00,000 रूपया वसूल करना चाह रहे है।
पुलिस अधीक्षक बालाघाट से न्याय की गुहार लगाने शिकायत आवेदन पत्र देते हुए दिनेश ने निवेदन किया है कि मुझे अपनी मजदूरी और महेनताना का 3,66,000 रूपए दिलाया जावे तथा हुई मानसिक क्षति राशि 1,00,000 रूपये एवं काम का हर्जाना 1,00,000 रूपए मकान मालिक राजकुमार से दिलावा दिया जाए ।