(suryanshtimes)बालाघाट। जिले के मैरिज गार्डनों और कैटरिंग व्यवसायों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के बढ़ते अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए जिला कलेक्टर (खाद्य) कार्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन के तत्वाधान में प्राप्त निर्देशों के आधार पर खाद्य शाखा ने सभी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को आधिकारिक पत्र जारी कर सख्त दिशानिर्देश दिए हैं।
नए नियमों के मुताबिक, शहर के सभी मैरिज गार्डन, मैरिज लॉन और कैटरिंग सर्विस संचालकों को अपने परिसरों में स्पष्ट अक्षरों में “व्यावसायिक गैस इस्तेमाल” का सूचना फलक (चेतावनी बोर्ड) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

नियम उल्लंघन पर सीधे जेल और सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शादियों, पार्टियों और अन्य व्यावसायिक आयोजनों में सस्ते घरेलू सिलेंडरों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर निम्नलिखित कड़ी कार्रवाई की जाएगी:

  • जेल और दंडात्मक मामला: घरेलू गैस का अवैध उपयोग पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत केस दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • व्यापारिक लाइसेंस होगा रद्द: दोषी पाए जाने वाले संचालकों के कमर्शियल लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित या पूरी तरह निरस्त (Cancel) कर दिया जाएगा।
  • सिलेंडरों की जब्ती: औचक निरीक्षण के दौरान मिलने वाले सभी अवैध घरेलू सिलेंडरों को मौके पर ही जब्त कर लिया जाएगा।

औचक निरीक्षण के लिए गठित हुईं संयुक्त टीमें
इस आदेश को जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू कराने के लिए खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें शहर के सभी मैरिज हॉलों और कैटरिंग यूनिट्स का अचानक (औचक) निरीक्षण करेंगी। इस जांच अभियान में मुख्य रूप से दो बिंदुओं को देखा जाएगा:

  1. क्या परिसर में अनिवार्य रूप से “व्यावसायिक गैस इस्तेमाल” का चेतावनी बोर्ड प्रदर्शित किया गया है?
  2. क्या कार्यक्रम में केवल और केवल कमर्शियल (व्यावसायिक) गैस सिलेंडरों का ही उपयोग हो रहा है?
    जिला प्रशासन की इस अचानक बढ़ी सख्ती से स्थानीय मैरिज गार्डन संचालकों और कैटरर्स एसोसिएशन में हड़कंप मच गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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